वाराणसी (रणभेरी): साइबर क्राइम पुलिस ने ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्डर आधारित एपीके फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से छह आईफोन, नौ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक उदयबीर सिंह कर रहे थे। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर दोनों शातिर साइबर अपराधियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर मंडल (30) और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू (24) के रूप में हुई है। दोनों फिलहाल पश्चिम बंगाल के अंडाल थाना क्षेत्र के भादुर गांव में रह रहे थे, जबकि मूल रूप से झारखंड के जामताड़ा जिले के निवासी हैं।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले बैंकिंग सेवाओं या आरटीओ चालान भुगतान से जुड़ा फर्जी डिजिटल फ्लायर तैयार करते थे। इसके साथ एक कूटरचित एपीके फाइल लोगों को भेजी जाती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति उस एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, ठगों को उसके फोन का एक्सेस मिल जाता था और मोबाइल पर आने वाले सभी एसएमएस उनके पास पहुंचने लगते थे।
इसके बाद आरोपी एसएमएस बॉम्बर के जरिए कई टारगेटेड यूजर्स को मैसेज भेजकर भ्रम की स्थिति पैदा करते थे। इसी दौरान वे पीड़ित के बैंक खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल लेते थे।पुलिस ने बताया कि ठगी से हासिल रकम को पहले टेलीग्राम बॉट के माध्यम से म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद कार्डलेस कैश विड्रॉल के जरिए पैसे निकाल लिए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर मंडल के खिलाफ झारखंड के साइबर क्राइम थाना जामताड़ा में भी धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
