वाराणसी (रणभेरी): माघ मास की सकट चतुर्थी के पावन अवसर पर वाराणसी के लोहटिया स्थित प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र ‘जय गणेश’ के जयकारों से गूंज उठा।

पूरे देश में गणेश सकट चतुर्थी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। इसी क्रम में काशी में शिव के पुत्र भगवान गणेश के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मंदिर पहुंचे। मान्यता है कि इस दिन गणेश पूजन करने से सुख-समृद्धि, संतान की रक्षा, दीर्घायु, पारिवारिक सुख-शांति और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है। विशेष रूप से संतान सुख की कामना लेकर श्रद्धालु भगवान गणेश के चरणों में हाजिरी लगाते नजर आए।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक रहती है। परंपरा के अनुसार माघ मास की चतुर्थी तिथि को गणेश पूजन का विशेष विधान है। इस दिन अनेक महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान गणेश की आराधना करती हैं और संतान सुख एवं परिवार की मंगलकामना करती हैं।
बड़ा गणेश मंदिर के महंत राजेश तिवारी ने बताया कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व सकट चतुर्थी या संकट चौथ के नाम से जाना जाता है। इसे तिलकुटा चतुर्थी और माघी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह दिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा गया, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकें। श्रद्धा, भक्ति और परंपरा के इस संगम ने काशी को एक बार फिर आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
