काशी मे जी राम जी बिल’ के विरोध में कांग्रेस और उसके छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।बीएचयू के सिंह द्वार से मार्च निकालकर पीएम जनसंपर्क कार्यालय की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े, वहीं पुलिस ने कई को घसीटकर वाहनों में बैठाया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी भी धक्का लगने से गिर गए, हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मौके पर मौजूद RPF के जवान भी स्थिति संभालने के लिए दौड़ते हुए पहुंचे।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल स्वयं सड़क पर उतर आए। उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि यदि कोई जबरन आगे बढ़े तो उसके खिलाफ सख्ती बरती जाए। इसके बाद इलाके में फ्लैग मार्च किया गया, कई जगहों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई गई और ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई।

इधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी अलग स्थान पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत मार्च निकालने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टाउनहॉल चौराहे पर रोक दिया। इसके बाद वे गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए और उपवास पर चले गए।डीआईजी शिवहरि मीना ने बताया कि कांग्रेस और NSUI ने प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली थी। उन्हें कई बार समझाया गया, लेकिन जब वे जबरदस्ती आगे बढ़ने लगे तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।पुलिस ने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी, नेशनल कोऑर्डिनेटर शांतनु सिंह और प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पटेल समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

सभी को करीब 10 पुलिस वाहनों में भरकर विभिन्न थानों में भेजा गया।उधर, कांग्रेस और NSUI नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है। देर शाम तक बीएचयू गेट और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी रही।
