काशी पहुंचे सीएम Mohan Yadav, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर लिया जायजा

काशी पहुंचे सीएम Mohan Yadav, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर लिया जायजा

वाराणसी (रणभेरी): Mohan Yadav ने मंगलवार को Kashi Vishwanath Dham पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और मंदिर प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं और संचालन प्रक्रिया (SOP) को विस्तार से समझा।

मंदिर प्रशासन ने जानकारी दी कि परिसर में कुल 115 विग्रह स्थापित हैं, जिनमें 14 प्रमुख महादेव शामिल हैं। श्रद्धालुओं को रुद्राभिषेक की परंपरा और उसके महत्व को डिजिटल माध्यमों और पुस्तिकाओं के जरिए समझाया जा रहा है। इससे श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर पूजा करते हैं, जिससे भीड़ का दबाव एक जगह केंद्रित नहीं होता।

यह दौरा 2028 में Simhastha Kumbh Mela की तैयारियों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। हर 12 साल में उज्जैन की शिप्रा नदी के तट पर आयोजित होने वाले इस विशाल आयोजन में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। इसी कारण सीएम ने काशी की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया, ताकि उन्हें उज्जैन में लागू किया जा सके।

काशी पहुंचे सीएम Mohan Yadav, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर लिया जायजा

दौरे के दौरान मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन अब केवल आस्था का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, MSME क्षेत्र को जोड़ने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विक्रमादित्य शोध संस्थान द्वारा 3 से 5 अप्रैल के बीच सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित भव्य नाट्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनकी प्रशासनिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा।

सीएम ने राज्यों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अब प्रतिस्पर्धा के बजाय समन्वय का समय है। Uttar Pradesh और Madhya Pradesh मिलकर ऊर्जा, पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में साझा प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने Kashi Vishwanath Corridor का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके निर्माण के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या और सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी तरह Mahakal Lok के विकास से उज्जैन की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, धाम में स्वच्छता व्यवस्था भी धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संचालित की जाती है। विशेष अवसरों जैसे महाशिवरात्रि पर सजावट और दर्शन व्यवस्था के लिए पहले से दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

साथ ही, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था उपलब्ध है, जिसमें एक सहायक उन्हें सुगमता से दर्शन कराकर वापस बाहर तक पहुंचाता है। सीएम ने बड़े आयोजनों में बेहतर भीड़ प्रबंधन, सुगम दर्शन और तकनीक के उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए राज्यों के बीच अनुभव साझा करने पर जोर दिया।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *