ट्रोजन-एपीके के जाल में फंसा शहर, 42.50 लाख की साइबर ठगी का अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब

ट्रोजन-एपीके के जाल में फंसा शहर, 42.50 लाख की साइबर ठगी का अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब

वाराणसी (रणभेरी) : शहर में साइबर अपराध का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्ड आधारित एपीके फाइल के जरिए बैंक खातों से 42 लाख 50 हजार रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान झारखंड के धनबाद से गिरोह के सरगना समेत पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में शमीम अंसारी, फकरुद्दीन उर्फ निरंजन, नसीम अंसारी, शाहबुद्दीन अंसारी और साहब लाल मरांडी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से साइबर ठगी में प्रयुक्त चार एंड्रायड मोबाइल, एक सिम कार्ड, दिल्ली पुलिस के दो नोटिस, ग्राम प्रधान के फर्जी मुहर-पैड, पांच खाली आधार अपडेट फॉर्म, 66 हजार रुपये नकद तथा बिना नंबर की एक ब्रेजा कार बरामद की है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब चौबेपुर के तिवारीपुर निवासी मदन मोहन मिश्रा ने 8 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उनके बैंक खाते को हैक कर 42.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह पहले पीड़ितों को ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्ड आधारित एपीके फाइल भेजता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे इंस्टॉल करता, उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस अपराधियों के पास पहुंच जाता। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग की आईडी, पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर रकम को ‘म्यूल खातों’ में ट्रांसफर किया जाता और फिर नकद निकासी कर ली जाती।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ग्राम प्रधानों के फर्जी लेटर पैड, मुहर और आधार अपडेट फॉर्म का इस्तेमाल कर बैंक खातों में पते बदलवाते थे और नए खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे।

डीसीपी क्राइम आकाश पटेल के अनुसार गिरोह के सदस्य पेशेवर साइबर अपराधी हैं। दिल्ली में भी इनके खिलाफ साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं, जिसके संबंध में दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी किए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ठगी की रकम से आरोपियों ने कितनी संपत्ति अर्जित की है। बरामद कार समेत अन्य निवेश की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए आमजन को सतर्क रहने और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दी जा रही है।

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