वाराणसी (रणभेरी): श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की 109वीं बैठक तथा विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की 15वीं बैठक में धाम की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और संबंधित मंदिरों के विकास को केंद्र में रखते हुए व्यापक निर्णय लिए गए।
बैठक में अर्चकों की सेवा शर्तों को स्पष्ट और व्यवस्थित करने के लिए न्यास व अर्चकों के बीच औपचारिक अनुबंध लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा धाम परिसर में 3D इमर्सिव म्यूजियम स्थापित करने की योजना पर भी सहमति बनी, जिससे श्रद्धालुओं को काशी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का आधुनिक तकनीक के माध्यम से अनुभव मिल सकेगा।
परिसर में स्वच्छता सुविधाओं के उन्नयन के तहत 50 प्रतिशत शौचालयों को भारतीय शैली में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विभिन्न मंदिरों में आवश्यक निर्माण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों को स्वीकृति दी गई।
अन्नपूर्णा मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण
मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को भी परिषद ने मंजूरी दी है। वहीं ललिता घाट पर स्थापित प्रोजेक्टर के संचालन शुरू होने के बाद उसे मंदिर न्यास के संरक्षण में लेते हुए उसके वार्षिक अनुरक्षण (AMC) की व्यवस्था भी स्वीकृत की गई।
संकट हरण हनुमान मंदिर व गौशाला पर विशेष ध्यान
बेनीपुर, सारनाथ स्थित श्री संकट हरण हनुमान मंदिर की गौशाला का संपूर्ण व्यय मंदिर न्यास द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक प्रदोष तिथि पर गौवंश के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया।
कालेश्वरनाथ मंदिर में निर्माण कार्य को हरी झंडी
जनपद चंदौली के सकलडीहा स्थित कालेश्वरनाथ मंदिर के खाली भूखंड पर कक्ष, रसोईघर और स्नानागार निर्माण तथा जर्जर भवन की मरम्मत को स्वीकृति प्रदान की गई। दोनों मंदिरों में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने और सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत हेतु एजेंसी चयन पर भी सहमति बनी।
बैठक में लिए गए इन निर्णयों को धाम के समग्र विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
