वाराणसी (रणभेरी): Banaras Hindu University (बीएचयू) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सर्जरी विभाग में कार्यरत 25 वर्षीय एक जूनियर डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को 100 से अधिक इंसुलिन इंजेक्शन लगा लिए, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई।
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं और वाराणसी में सामने घाट क्षेत्र के पास किराए के मकान में रहती हैं। शुक्रवार रात उनकी एक करीबी दोस्त ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर दोस्त ने डॉक्टर के पिता से संपर्क किया और पता लेकर दो अन्य साथियों के साथ उनके कमरे पर पहुंची।
मौके पर पहुंचने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। कमरे के अंदर डॉक्टर बेसुध हालत में मिलीं।
उन्हें तुरंत इलाज के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती किया गया। फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
बीएचयू के चिकित्सा संस्थान (Institute of Medical Sciences, BHU) के निदेशक प्रोफेसर S. N. Sankhwar ने बताया कि मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इंसुलिन की अधिक मात्रा शरीर के कई अंगों, खासकर किडनी पर असर डाल सकती है, इसलिए चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत डायलिसिस भी किया गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले डॉक्टर की एक सीनियर रेजिडेंट के साथ किसी बात को लेकर बहस हुई थी।
इसके बाद से वह मानसिक तनाव में बताई जा रही थीं। हालांकि वास्तविक कारणों का पता डॉक्टर के होश में आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। अस्पताल प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
