(रणभेरी): राधा बाग स्थित राधा रानी मंदिर तक जाने वाली केबल कार की ट्रॉलियों में अचानक तकनीकी रुकावट आने पर मॉक ड्रिल का आयोजन कर फंसे यात्रियों के त्वरित बचाव का अभ्यास किया गया। करीब 100 मीटर की ऊँचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का यह अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव संचालन की तैयारियों का अहम हिस्सा रहा।
इस ड्रिल का आयोजन जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने की। ADM के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन की बारीकियों का निरीक्षण किया गया और संचालन की प्रभावशीलता को परखा गया।

टीम समन्वय से हुई सफल कार्रवाई
इस मॉक ड्रिल में जिला आपदा विशेषज्ञ पूजा राणा ने आयोजन और समन्वय में मुख्य भूमिका निभाई। उनके निर्देशन में विभिन्न विभागों के बीच प्रभावशाली तालमेल बना और ड्रिल का संचालन सफलता पूर्वक किया गया। नायब तहसीलदार सी.पी. सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

NDRF के कमांडेंट अनिल कुमार और SDRF के कार्तिकेय मिश्रा के नेतृत्व में बचाव दलों ने तकनीकी दक्षता और साहस का परिचय दिया। राज्य आपदा मोचक बल और अग्निशमन विभाग के आलोक कुमार ने मिलकर ‘केबल कार इमरजेंसी’ जैसी जटिल परिस्थितियों में बचाव कार्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आधुनिक प्रणाली और तालमेल की भूमिका
अपर जिलाधिकारी डॉ. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित टेबल-टॉप बैठक में पूजा राणा के मार्गदर्शन में सभी विभागों के बीच आई.आर.एस. (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) के अनुसार समन्वय स्थापित किया गया। नागरिक सुरक्षा विभाग के आपदा मित्र अशोक यादव और उनकी टीम ने NDRF, SDRF और चिकित्सा टीम के साथ मिलकर त्वरित बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन और चिकित्सा टीम ने भी स्थानीय स्तर पर आपातकालीन सहायता में सक्रिय भूमिका निभाई। इस मॉक ड्रिल ने दिखा दिया कि आपदा प्रबंधन में समन्वित प्रयास, तकनीकी तैयारी और समय पर प्रतिक्रिया कितना महत्वपूर्ण है।
