लंका चौराहे पर जारी है ऑटो चालकों की मनमानी

लंका चौराहे पर जारी है ऑटो चालकों की मनमानी
  • अक्सर जाम की गिरफ्त में रहता है लंका का सबसे व्यस्ततम चौराहा
  • टोटो पर कार्रवाई के बाद ऑटो चालकों की मनमानी, चौराहा बना अवैध स्टैंड
  • बीच सड़क खड़े ऑटो से दिनभर जाम, छात्र-नौकरीपेशा परेशान, एंबुलेंस तक फंस रहती है जाम में

वाराणसी (रणभेरी)। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील यातायात केंद्रों में शामिल लंका चौराहा इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर टोटो (ई-रिक्शा) को चौराहे से हटाने के बाद जहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जगी थी, वहीं अब हालात पहले से भी ज्यादा बिगड़ गए हैं। टोटो हटने के बाद ऑटो चालकों ने चौराहे पर कब्जा जमा लिया है, जिससे जाम की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। प्रशासन ने टोटो के संचालन और खड़े होने पर सख्ती दिखाते हुए चौराहे को खाली कराया था।

शुरुआती दिनों में इसका सकारात्मक असर भी दिखा, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। टोटो के हटते ही ऑटो चालकों ने मौके का फायदा उठाया और बिना किसी निर्धारित स्टैंड के चौराहे पर ही वाहन खड़े करने लगे। सवारियों के इंतजार में लंबे समय तक बीच सड़क पर खड़े ऑटो ट्रैफिक की सबसे बड़ी बाधा बन गए हैं।

लंका चौराहे पर जारी है ऑटो चालकों की मनमानी

स्थिति यह है कि लंका चौराहा पर दिनभर जाम लगा रहता है। पीक आवर्स में तो हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। लंका क्षेत्र में स्थित स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के कारण यहां रोजाना हजारों छात्रों का आवागमन होता है। जाम के चलते छात्रों को समय पर संस्थानों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है, वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह रोज की मुसीबत बन चुकी है। जाम का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आपातकालीन सेवाएं भी इससे अछूती नहीं हैं। कई बार मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस जाम में फंस जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो जाता है। यह स्थिति ट्रैफिक व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जाम और अव्यवस्था का असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। ग्राहक इस इलाके में आने से बचने लगे हैं, जिससे बिक्री में गिरावट दर्ज की जा रही है। आम नागरिकों में भी प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने टोटो चालकों के खिलाफ तो कड़ी कार्रवाई की, लेकिन ऑटो चालकों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह दोहरा रवैया नियमों की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती न होने और निगरानी की कमी के कारण ऑटो चालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो चालकों के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं और सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। लंका चौराहा शहर की यातायात व्यवस्था की धुरी है। यहां की अव्यवस्था का असर पूरे शहर की रफ्तार पर पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाए, वरना यह समस्या और गंभीर होती जाएगी।

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