वाराणसी में आसाराम का प्रवचन, अनौरा आश्रम में जुटी हजारों की भीड़; सत्संग हॉल में मोबाइल पर पाबंदी

वाराणसी में आसाराम का प्रवचन, अनौरा आश्रम में जुटी हजारों की भीड़; सत्संग हॉल में मोबाइल पर पाबंदी

वाराणसी (रणभेरी): रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम बापू इन दिनों वाराणसी में हैं। वह बड़ागांव क्षेत्र के अनौरा स्थित अपने आश्रम में पिछले तीन दिनों से ठहरे हुए हैं। रविवार को उन्होंने व्यासपीठ से अनुयायियों को प्रवचन दिया और उनसे मुलाकात भी की।
आश्रम प्रशासन ने सत्संग हॉल में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन जमा कराने की व्यवस्था की है।

परिसर के भीतर वीडियो बनाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। यदि कोई श्रद्धालु छिपकर वीडियो बनाते हुए पकड़ा जाता है तो उससे तुरंत वीडियो डिलीट कराया जा रहा है।
आसाराम के वाराणसी पहुंचने की खबर फैलते ही पूर्वांचल और पड़ोसी राज्य बिहार से बड़ी संख्या में अनुयायी अनौरा आश्रम पहुंच रहे हैं।

वाराणसी में आसाराम का प्रवचन, अनौरा आश्रम में जुटी हजारों की भीड़; सत्संग हॉल में मोबाइल पर पाबंदी

वाराणसी के साथ-साथ जौनपुर, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ और चंदौली से भी लोग यहां आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब डेढ़ दशक से शांत पड़े इस आश्रम में अचानक हजारों लोगों की भीड़ और गाड़ियों के काफिलों से गांव का माहौल बदल गया है।

रविवार दोपहर करीब 2:20 बजे आसाराम अनौरा आश्रम से अलईपुरा के लिए रवाना हुए। चर्चा है कि वहां से वह गंगा नदी किनारे किसी स्थान पर जा सकते हैं और देर रात फिर आश्रम लौटेंगे।

हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत

राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए आसाराम को छह महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसके आधार पर 6 नवंबर को गुजरात हाई कोर्ट ने भी एक अन्य मामले में उन्हें छह महीने की राहत दी। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने दलील दी थी कि आसाराम हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और इलाज की जरूरत है।

क्यों हुई उम्रकै

दसाल 2013 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पीड़िता उस समय मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि 15 अगस्त 2013 की रात जोधपुर के मनई आश्रम में उसे बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

पीड़िता की शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ और लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *