वार्ड 80 और 88 की सीमा पर बकरा भंडार गली बनी नर्क, घरों की नींव तक पहुंचा गंदा पानी
रमजान में रोजेदारों को मस्जिद जाने के लिए सीवर से गुजरना पड़ रहा, हादसे का खतरा बढ़ा
लोगों ने लगाए व्यंग्यात्मक पोस्टर, जलकल और नगर निगम से जल्द समाधान की मांग
वाराणसी (रणभेरी) : स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के दावों के बीच वाराणसी का एक इलाका पिछले डेढ़ साल से सीवर की समस्या से जूझ रहा है। शहर के वार्ड 80 ओंकालेश्वर और वार्ड 88 बलुआबीर की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध बकरा भंडार गली इन दिनों सीवर के पानी से लबालब है। यहां सड़कों पर बहता गंदा पानी न केवल लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, बल्कि कई मकानों की नींव तक पहुंचकर उन्हें कमजोर भी कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार यह समस्या पिछले लगभग डेढ़ साल से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से केवल औपचारिक कार्रवाई ही की गई है। स्थिति यह है कि कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं और सीवर का पानी लगातार नींव में रिस रहा है।
इन दिनों पवित्र रमजान का महीना चल रहा है, जिससे क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय की परेशानियां और बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासी जुनैद अहमद ने बताया कि सुबह और शाम के समय सीवर का ओवरफ्लो इतना बढ़ जाता है कि रोजेदारों को मस्जिद जाने के लिए इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। रात में तरावीह की नमाज के समय अंधेरा और गंदगी बुजुर्गों और बच्चों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। उन्होंने बताया कि उनके 70 वर्षीय पिता इस बार इसी कारण मस्जिद नहीं जा पा रहे हैं।
क्षेत्र के व्यापारियों और दुकानदारों पर भी इस समस्या का सीधा असर पड़ रहा है। गली में स्थित मशहूर मिठाई दुकान ‘बकरा भंडार’ के संचालक तौहीद का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहक दुकान तक आने से कतराते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि सीवर का पानी उनके मकान की नींव तक पहुंच चुका है, जिससे भवन की संरचना कमजोर हो गई है।
इस गली से होकर रोजाना स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं, लेकिन अब यह रास्ता उनके लिए भी खतरे से खाली नहीं है। हाल ही में एक बच्ची सीवर के गड्ढे में गिर गई थी, जिसे राहगीरों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। इसके बाद से कई अभिभावक अपने बच्चों को मुख्य सड़क के लंबे रास्ते से स्कूल भेजने को मजबूर हैं।
इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। वार्ड 88 की पार्षद के पति और पूर्व पार्षद तुफैल अंसारी का कहना है कि उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों को वीडियो कॉल के माध्यम से स्थिति दिखाई थी। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र की पुरानी सीवर और पेयजल लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और उनका नया निर्माण ही स्थायी समाधान है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय फाइलों में यह योजना अभी भी अटकी हुई है और अधिकारी केवल आश्वासन देकर लौट जाते हैं। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज नागरिकों ने गली के मोड़ पर व्यंग्यात्मक पोस्टर भी लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है…मुस्कुराइए, आप मुमताज और तुफैल अंसारी के वार्ड में हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि एक महीने के भीतर पूरी सीवर लाइन नहीं बदली गई, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल वाराणसी का यह इलाका विकास की चमक-दमक से दूर बदहाली की मार झेल रहा है और लोग जिम्मेदार विभागों से जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
