वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में मलदहिया स्थित किसान फूल मंडी को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। नगर निगम ने जानकारी दी है कि मंडी को कब्जा मुक्त कराने के बाद किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, लेकिन अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 12 फरवरी को एक किसान ने फोन पर शिकायत की कि मंडी के पूर्व संचालक विशाल दुबे गेट पर खड़े होकर किसानों से पैसे वसूल रहे हैं। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर टीम भेजी गई।
बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने जब शिकायतकर्ता से बात की तो उसने भी अवैध वसूली की पुष्टि की। इसके बाद नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने उसी दिन शाम के बाद मंडी में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान हुआ हंगामा
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, टीम जब मौके पर पहुंची तो विशाल दुबे अपने साथियों के साथ मंडी के प्रवेश द्वार पर मौजूद मिला। अधिकारियों ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पहले भी खाली कराई जा चुकी है मंडी
नगर निगम ने बताया कि 19 जनवरी 2026 को अवैध वसूली की शिकायतों के बाद मकान संख्या 21/112-के स्थित किसान फूल मंडी को कब्जा मुक्त कराया गया था। उस समय भी हंगामे की स्थिति बनी थी और पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद से मंडी का संचालन नगर निगम के जिम्मे है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
नायब तहसीलदार की तहरीर पर सिगरा थाने में विशाल दुबे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
