वाराणसी (रणभेरी): जिला कचहरी परिसर में शुक्रवार को हुई एक घटना के बाद अधिवक्ताओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता देखी गई। बार से जुड़े वकीलों ने कहा कि न्यायिक परिसर जैसे अति-संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा इंतज़ामों में किसी भी प्रकार की ढिलाई गंभीर परिणाम ला सकती है।
अधिवक्ताओं ने मौजूदा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वर्ष 2007 में कचहरी परिसर में हुए बम विस्फोट की घटना की याद दिलाई। उनका कहना था कि उस दर्दनाक हादसे से सबक लेकर सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान हालात अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं दिखते।

वकीलों की मांग है कि परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, सभी प्रवेश द्वारों पर सघन तलाशी की व्यवस्था सुनिश्चित हो तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी प्रणाली को प्रभावी और सक्रिय बनाया जाए। उनका तर्क है कि नियमित जांच और सतर्क निगरानी से भविष्य में किसी भी संभावित अप्रिय घटना को टाला जा सकता है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए परिसर में हलचल का माहौल रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य बताई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। बार के पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में ठोस तथा दीर्घकालिक कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
