वाराणसी (रणभेरी): Varanasi में मंगलवार को एक गंभीर पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया, जब परमानंदपुर की रहने वाली निशा सिंह अपनी बेटी प्रिया सिंह के साथ पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मिलीं। उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई कथित हिंसा और पुलिस कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
निशा सिंह का कहना है कि उनकी बेटी प्रिया सिंह, जो कभी राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं, की शादी फरवरी 2024 में नाथूपुर (DLW) निवासी अमित वर्मा से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
जानलेवा हमले का आरोप
परिजनों के अनुसार, 7 जुलाई 2025 को प्रिया के साथ मारपीट की गई और उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। घटना के बाद ससुराल पक्ष की ओर से इसे आत्महत्या की कोशिश बताया गया। गंभीर हालत में पहले उसे AIIMS Gorakhpur में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में PGI Lucknow और फिर KGMU रेफर किया गया। निशा सिंह का दावा है कि घटना के बाद उनकी बेटी करीब एक सप्ताह तक कोमा में रही, जिसके चलते उसकी याददाश्त पर असर पड़ा है।

संपत्ति और संबंधों को लेकर विवाद
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि दामाद शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज और संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसके अलावा, उसका किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात भी सामने आई, जिसका विरोध करने पर प्रिया के साथ मारपीट की जाती थी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का कहना है कि शिवपुर थाने में शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के बजाय हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित परिवार को धमका रहा है।
परिवार का दावा पहले भी हो चुकी है घटना
निशा सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उनके बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई, जिसमें ससुराल पक्ष के लोगों का हाथ बताया जा रहा है। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
कमिश्नर ने दिया जांच का आश्वासन
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि एक साल से अधिक समय से न्याय के लिए भटकने के बाद अब उन्हें प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।
