वाराणसी (रणभेरी): रंगों के त्योहार होली पर वाराणसी में इस बार शराब के शौकीनों ने जमकर जाम छलकाए। रंग-गुलाल और मिठाइयों के साथ-साथ बनारसियों ने शराब की भी खूब खरीदारी की, जिससे सरकार को बड़ा राजस्व मिला। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक महज दो दिनों में ही जिले में करीब 27 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई।
जिला आबकारी अधिकारी कमल कुमार शुक्ला ने बताया कि पिछले साल होली के दौरान वाराणसी में करीब 25 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 27 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बिक्री मुख्य रूप से 1 मार्च से 3 मार्च के बीच हुई खरीदारी के आधार पर दर्ज की गई है।आबकारी विभाग के अनुसार त्योहार के दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों की अधिकांश शराब दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। खासकर मॉडल शॉप और प्रीमियम दुकानों पर बिक्री में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दुकान संचालकों का कहना है कि बिक्री बढ़ने की एक वजह पड़ोसी राज्य बिहार से आने वाले लोग भी हैं। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण वहां के कई लोग अक्सर वाराणसी और आसपास के जिलों का रुख करते हैं। होली के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे, जिससे शराब की दुकानों पर भीड़ और बढ़ गई।चंदौली और बिहार सीमा से जुड़े रास्तों के जरिए आने वाले पर्यटकों और यात्रियों की वजह से कई दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
भांग और ठंडाई की भी रही जबरदस्त मांग
शराब के साथ-साथ काशी की परंपरागत भांग और ठंडाई की भी इस बार अच्छी बिक्री हुई। हालांकि आबकारी विभाग ने अभी भांग की बिक्री के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि होली के मौके पर भांग वाली ठंडाई के शौकीनों की संख्या भी काफी ज्यादा रही।
त्योहार के दौरान बढ़ी इस मांग से न केवल कारोबारियों को फायदा हुआ, बल्कि सरकारी खजाने में भी अच्छा खासा राजस्व जमा हुआ।अगर चाहो तो मैं इसके लिए 4–5 अलग-अलग न्यूज पोर्टल स्टाइल हेडिंग भी बना सकता हूँ, जो और ज्यादा आकर्षक लगेंगी।
