(रणभेरी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बास्केटबॉल खेलकर अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। सीएम ने कोर्ट पर खिलाड़ियों की तरह दो बार गेंद को जमीन पर उछाला और फिर बास्केट में शॉट लगाकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और गुब्बारे उड़ाकर आयोजन का औपचारिक शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले खेल गतिविधियां सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं थीं। उस दौर में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अवसर के अभाव में पलायन कर जाते थे या हताश होकर खेल छोड़ देते थे। अब प्रदेश में गांव-गांव तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की समस्त उपलब्धियां स्वस्थ शरीर से ही संभव हैं और स्वास्थ्य अनुशासन तथा संयम से आता है। विश्वविद्यालय परिसर में यह महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट 15 से 19 जनवरी तक चलेगा, जिसमें पूर्वी क्षेत्र के 14 राज्यों की 31 विश्वविद्यालय टीमें भाग ले रही हैं।

खिलाड़ियों को नौकरी और संसाधन
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश सरकार अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में रोजगार दे चुकी है। डिप्टी एसपी, तहसीलदार और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जैसे पदों पर भी खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि खेल केवल औपचारिक गतिविधि न रहकर जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से युवक और महिला मंगल दलों को 96 हजार से अधिक स्पोर्ट्स किट वितरित की गई हैं और हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालयों से खिलाड़ियों को तराशने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक खेल को अपनाकर उसके लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करें। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से युवा नशे और सामाजिक विकृतियों से दूर रहेगा। उन्होंने कहा, “युवा खेलेगा तो खिलेगा।” साथ ही उन्होंने मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का उल्लेख करते हुए खेल संस्कृति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मेडल विजेताओं को बड़ा प्रोत्साहन
सीएम ने बताया कि ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले यूपी के खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये की सहायता और खेल सामग्री दी जाती है। स्वर्ण पदक जीतने पर एकल स्पर्धा में 6 करोड़ रुपये और क्लास-1 की नौकरी, जबकि टीम स्पर्धा में 3 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। रजत पदक पर एकल में 3 करोड़ और टीम में डेढ़ करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक पर भी समान श्रेणी में प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
2036 ओलिंपिक भारत में हो- हमारी कामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीमों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का निरंतर सहयोग मिलता है। उन्होंने 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलिंपिक के लिए अभी से तैयारी करने की आवश्यकता बताते हुए उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2036 का ओलिंपिक भारत में आयोजित हो और भारतीय खिलाड़ी अधिकतम पदक जीतें।
