(रणभेरी): महोबा शहर के खोया मंडी इलाके में एक कारोबारी की पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में घर में काम करने वाली महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान घटनास्थल से मिला चूड़ी का टूटा टुकड़ा ही आरोपियों तक पहुंचने का अहम सुराग बना।
जानकारी के मुताबिक, किराना व्यापारी संतोष पुरवार अपनी पत्नी किरन पुरवार के साथ खोया मंडी क्षेत्र में रहते हैं। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है और वह ससुराल में रहती है। किरन को पहले लकवे का अटैक पड़ चुका था, जिसके चलते घर के कामकाज और देखभाल के लिए आशा रैकवार (40) नामक महिला को करीब आठ साल पहले रखा गया था।
25 फरवरी की सुबह संतोष रोज की तरह अपनी दुकान पर चले गए। घर में उस समय उनकी पत्नी और नौकरानी ही मौजूद थीं। रात में जब संतोष दुकान बंद कर वापस लौटे तो घर का दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो पत्नी किरन बेड पर मृत अवस्था में पड़ी थीं। उनके कान से झुमके गायब थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला लूट के बाद हत्या का प्रतीत हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मामला लूट का लग रहा था, लेकिन फॉरेंसिक टीम को कमरे से टूटी हुई चूड़ी का एक टुकड़ा मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा बदली।

चूड़ी का टुकड़ा बना अहम सुराग
संदेह के आधार पर पुलिस ने घर की नौकरानी से पूछताछ की। इस दौरान उसके हाथ में एक चूड़ी टूटी हुई नजर आई। घटनास्थल से मिले टुकड़े को जब उसकी चूड़ी से मिलाया गया तो वह पूरी तरह मेल खा गया। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया। कड़ाई से पूछताछ में आशा ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह लंबे समय से घर में काम कर रही थी, लेकिन मालकिन अक्सर छोटी-छोटी बातों पर डांटती और अपमानित करती थीं। इसी से तंग आकर उसने हत्या की योजना बनाई।

बेटे के साथ रची साजिश
पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी को उसने अपने बेटे सोनू (27) को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर तकिए से मुंह दबाकर किरन की हत्या कर दी। वारदात को लूट का रूप देने के लिए गहने और कान के झुमके निकाल लिए, ताकि किसी को शक न हो। जिले के पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार हो रहे अपमान से आहत होकर नौकरानी ने अपने बेटे के साथ मिलकर यह वारदात अंजाम दी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों को झकझोर कर रख दिया।
