(रणभेरी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रवि किशन पर हल्की-फुल्की चुटकी लेते हुए कहा, “परिवार के सभी लोग चाहते हैं कि घर में मांगलिक कार्यक्रम हो। अब हर कोई रवि किशन तो है नहीं कि रोज विवाह कर ले। ये तो फिल्मों में करते हैं। आम व्यक्ति होटल या मैरिज हॉल नहीं बुक कर सकता, न ही रवि किशन की तरह शीशमहल बना सकता है।”
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याण मंडपम के लोकार्पण के दौरान की। 300 लोगों की क्षमता वाले इस मंडप का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने किया है। इसके लिए धनराशि मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से उपलब्ध कराई।

“साल में एक बार जरूर आइए”
कार्यक्रम में सीएम ने मुस्कुराते हुए सांसद से कहा, “अच्छा बताइए, सांसद यहां सप्ताह-महीने में आते हैं कि नहीं? कम से कम साल में एक बार जरूर जाया करिए।” उन्होंने कहा कि घराती हों या बाराती, सभी को सुविधाएं चाहिएं, लेकिन मांगलिक कार्यक्रम रोज-रोज नहीं होते। ऐसे में कम लागत पर उपलब्ध यह मंडप आमजन के लिए राहत साबित होगा।
सिंगापुर का उदाहरण
सांसद रवि किशन ने अपने संबोधन में सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि 1975 में आजादी के बाद वहां भी हालात 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश जैसे थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री ली कुआन यू का जिक्र करते हुए कहा कि कठोर निर्णयों और सुशासन से सिंगापुर आज समृद्ध राष्ट्र बना।
उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी का भी वही हाल था। लेकिन महाराज जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2026 तक तस्वीर बदल गई। आज अडाणी हो या अंबानी, हर उद्योगपति यूपी में निवेश करना चाहता है।”
जंगल कौड़िया में विकास कार्यों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने विकास खंड जंगल कौड़िया में पुनर्निर्मित खंड विकास अधिकारी कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि पूज्य महाराज के नाम पर यहां एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया गया है, जहां 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। खेल मैदान, स्टेडियम और कुश्ती की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सीएम ने घोषणा की कि क्षेत्र में वानिकी और हॉर्टिकल्चर विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जो शत-प्रतिशत रोजगार गारंटी से जुड़ा होगा।
पर्यावरण पर चिंता
दिल्ली का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां AQI 400 तक पहुंच जाता है, जिससे सांस लेना कठिन हो जाता है। इसके विपरीत गोरखपुर का वातावरण स्वच्छ है। “पर्यावरण को आप बचाएंगे, तो पर्यावरण आपको बचाएगा,” कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकास और स्वच्छता के प्रति जनता की सहभागिता जरूरी है।
