पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत, 45 घायल

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत, 45 घायल

(रणभेरी): पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 यात्री घायल हो गए। घायलों में 7 बच्चे, 12 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। 28 घायलों को इलाज के लिए एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।

क्रेन से बस सीधी करते ही बाहर गिरे शव

हादसे के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में भयावह मंजर दिखा। जब क्रेन की मदद से बस को सीधा किया गया तो खिड़कियों से शव सड़क पर गिर पड़े। सड़क पर खून फैला हुआ था। कुछ यात्री खिड़कियों में फंसे नजर आए। घटनास्थल पर यात्रियों के सामान और बच्चों के जूते-चप्पल बिखरे मिले।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत, 45 घायल

लुधियाना से मोतिहारी जा रही थी बस

जानकारी के अनुसार बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के मोतिहारी जा रही थी। हादसे के समय बस की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से अधिक बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस कुछ देर से असंतुलित चल रही थी और अचानक पलट गई। दुर्घटना के बाद चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत, 45 घायल

चालक का दावा- अचानक ब्रेकर आया

पुलिस पूछताछ में चालक ने बताया कि रास्ते में ढाबे पर उसने हल्की शराब पी थी। उसका कहना है कि एक्सप्रेसवे पर अचानक ब्रेकर आने से बस असंतुलित हुई और डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हालांकि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां ब्रेकर होने की पुष्टि नहीं हुई है।

मृतकों की पहचान

हादसे में बीरेंद्र (30), अंजलि (8), प्रियांशु (15) समेत पांच लोगों की जान गई। अन्य दो मृतकों में एक छह वर्षीय बच्चा और 30 वर्षीय युवक शामिल हैं।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

क्षमता से अधिक स्लीपर सीटें

आरटीओ की प्रारंभिक जांच में बस के अंदर बड़े पैमाने पर नियम उल्लंघन पाए गए। कागजों में बस को 16 स्लीपर और 32 सीटों की अनुमति थी, लेकिन अंदरूनी ढांचे में बदलाव कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गई थीं। करीब 90 यात्रियों को बैठाया गया था।

इमरजेंसी गेट बंद

बस के आपातकालीन निकास द्वार के सामने अतिरिक्त सीट लगा दी गई थी, जिससे बाहर निकलने का रास्ता अवरुद्ध था। छत पर अवैध लोहे का ढांचा भी लगाया गया था, जिससे बस का संतुलन प्रभावित होने की आशंका है।

लंबी दूरी, सिर्फ एक चालक

पंजाब से बिहार तक लगभग 1360 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बस में केवल एक ही चालक था, जबकि नियमों के अनुसार लंबी दूरी पर दो चालक अनिवार्य हैं।

67 चालान के बावजूद संचालन

बस पर पहले से 67 चालान दर्ज थे, जिनका भुगतान नहीं हुआ था। इसके बावजूद बस कई जिलों से होकर लगातार संचालित होती रही।

आज होगी तकनीकी जांच

परिवहन विभाग ने बस की विस्तृत तकनीकी जांच कराने की बात कही है। ब्रेक, टायर, वायरिंग और अन्य यांत्रिक पहलुओं की जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।फिलहाल पुलिस ने बस मालिक और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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