लखनऊ में होर्डिंग विवाद, सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

लखनऊ में होर्डिंग विवाद, सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

(रणभेरी): मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ शहर में लगाई गई विवादित होर्डिंग्स के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने होर्डिंग्स फाड़ दी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हजरतगंज थाने में इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ तहरीर भी दी गई है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग होर्डिंग्स लगाकर उनके नेता का अपमान कर रहे हैं, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे।

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के नाम से हुई होर्डिंग्स

यह होर्डिंग्स ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संगठन ने लखनऊ, जौनपुर, अमेठी समेत लगभग 10 जिलों में लगवाई थीं। तस्वीरें मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।

होर्डिंग में अखिलेश यादव की फोटो को बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ के विलेन ‘रहमान डकैत’ के रूप में एडिट किया गया था। इसके साथ लिखा गया “अखिलेश का ल्यारी राज”। नीचे उनके शासनकाल (2012–2017) में मुजफ्फरनगर और शामली दंगों जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया।

लखनऊ में होर्डिंग विवाद, सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

साथ ही होर्डिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर लगाई गई थी और इसके नीचे माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी पर कार्रवाई की खबरें दिखाई गई थीं।

सपा कार्यकर्ताओं का विरोध

समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार शुक्ला ने कहा, “ये होर्डिंग्स केवल सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश हैं। हमारे नेता जनता के बीच रहकर काम करते हैं। उन्हें अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। मौजूदा सरकार में अपराध की घटनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।” अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा, “सपा देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और अखिलेश यादव इसके सुप्रीमो हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी के सामने होर्डिंग लगाना बेहद अपमानजनक है। अगर ऐसा जारी रहा, तो हम भी पूरे शहर में होर्डिंग्स लगाकर जवाब देंगे।”

लखनऊ में होर्डिंग विवाद, सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

शिव प्रकाश यादव ने चेतावनी दी, “हमारे नेता का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 2027 में जनता भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगी। हमें होर्डिंग्स लगाने वालों के खिलाफ कदम उठाने में संकोच नहीं होगा।”

लखनऊ में होर्डिंग विवाद, सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

संगठन का बयान

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के महामंत्री अभिनव तिवारी ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि यह केवल जनजागरूकता और संवाद का प्रयास है, ताकि युवाओं में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सोच विकसित हो। संगठन 15 अप्रैल को प्रेस वार्ता कर इस अभियान की विस्तृत जानकारी साझा करेगा।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *