(रणभेरी): आगरा के किरावली क्षेत्र के जाजऊ गांव में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने श्मशान घाट पर जलती चिता से एक युवती का शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामला अंतरधार्मिक लिव-इन संबंध और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि साथ रह रहे युवक का कहना है कि युवती बीमार थी और बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हुई।

पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय सना पिछले करीब पांच वर्षों से अजीत सिंह नामक युवक के साथ रह रही थी। दोनों अलग-अलग धर्मों से संबंध रखते हैं। युवती के पिता निजाम का आरोप है कि पांच वर्ष पहले, जब उनकी बेटी नाबालिग थी, तब आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद से दोनों साथ रह रहे थे। पिता का कहना है कि इस दौरान युवती का धर्म परिवर्तन भी कराया गया और बाद में उसके साथ मारपीट व उत्पीड़न होने लगा।
बुधवार दोपहर लगभग तीन बजे युवती की मौत होने की सूचना है। आरोप है कि बिना मायके पक्ष को सूचना दिए युवक ग्रामीणों के साथ शव को गांव के श्मशान घाट ले गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच परिजनों ने पुलिस को हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दी।
सूचना मिलते ही फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक चिता जल चुकी थी। पुलिस टीम ने तत्काल आग बुझवाकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। युवक अजीत सिंह को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह ने बताया कि आरोपी पक्ष का कहना है कि युवती पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थी और बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हुई। वहीं, पिता ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। नाबालिग अवस्था में साथ ले जाने, कथित विवाह, धर्म परिवर्तन और मृत्यु के वास्तविक कारण सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच तेज कर दी है।
