(रणभेरी): कानपुर देहात के बिधनू क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मंगलवार की सुबह एक 11 वर्षीय मासूम का शव गांव से कुछ दूरी पर स्थित खेत में मिट्टी के भीतर दबा हुआ मिला। शव की स्थिति ऐसी थी कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी। बच्ची के शरीर पर कपड़े नहीं थे और गंभीर चोटों के निशान साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। शुरुआती परिस्थितियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि दरिंदगी की सारी हदें पार करने के बाद उसकी हत्या की गई।
मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता की पांच बेटियों में यह तीसरे नंबर की बच्ची थी। घर से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर उसकी इस तरह से मिली लाश ने पूरे गांव को आक्रोश और शोक में डुबो दिया।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सुबह खेत की ओर गए एक युवक की नजर एक संदिग्ध जगह पर पड़ी। मिट्टी हाल ही में खोदी गई प्रतीत हो रही थी। शक के आधार पर जब ग्रामीणों ने वहां खुदाई शुरू की तो कुछ ही देर में मासूम का शव बाहर आ गया। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को घेराबंदी कर खाली कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। लेकिन इस दौरान गांव में गुस्सा इस कदर भड़क गया कि लोगों ने एक स्थानीय युवक पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
आरोपित के घर को घेरने और आग लगाने की कोशिश भी की गई, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक लिया। जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध युवक के घर से मिट्टी लगे कपड़े भी मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने लगी। ग्रामीणों ने विरोध करते हुए रास्ता रोक लिया और आरोपी को तत्काल सजा देने की मांग करने लगे। धक्का-मुक्की के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को शव लेकर पैदल ही वहां से निकलना पड़ा। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी गिरते-पड़ते नजर आए, जबकि भीड़ ने पुलिस वाहन को भी घेर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया गया है, जो हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन भीतर ही भीतर आक्रोश उबल रहा है। एक मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी ने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
