(रणभेरी): प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण हादसे के दूसरे दिन मंगलवार को भी रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहा। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 17 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
यह हादसा सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ था, जब कोल्ड स्टोरेज परिसर में अचानक धमाका हुआ और पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि ऐसा लगा मानो बम फट गया हो। घटना के बाद पूरे इलाके में धूल और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कोल्ड स्टोरेज के मालिक सपा नेता एवं पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान हैं। पुलिस ने उनके दो भतीजों समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही फाफामऊ थाने में अंसार अहमद, उनके बेटे सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें 7 नामजद और 5 अज्ञात शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मालिक की तलाश भी की जा रही है।
स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के मुताबिक, घटना के समय कोल्ड स्टोरेज में लंच टाइम चल रहा था। करीब 110 कर्मचारी वहां काम कर रहे थे, जिनमें से कई खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे या बाहर गए हुए थे। इसी दौरान हादसा हुआ, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। लोगों का मानना है कि अगर लंच टाइम न होता, तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी।

हादसे में अपने पिता को खून से लथपथ हालत में देखकर एक युवक भावुक हो उठा। एक अन्य पीड़ित ने बताया कि अमोनिया गैस टैंकर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद छत और दीवारें अचानक गिरने लगीं और लोग जान बचाकर भागने लगे।
घटना में एक 3 वर्षीय बच्चे कार्तिक उर्फ गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में चल रहा है। हादसे के दौरान उसकी मां मौके पर मौजूद थी और उसने मलबे से बच्चे को निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि इस कोल्ड स्टोरेज में सुल्तानपुर के एक ठेकेदार के माध्यम से मजदूरों की आपूर्ति होती थी। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा मानकों की भी जांच शुरू कर दी है।
नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। फिलहाल प्रशासन की टीमें मलबे में और लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
