(रणभेरी): राजधानी के कृष्णानगर इलाके में 13 वर्षीय छात्र की गोली लगने से हुई मौत ने कई परतें खोल दी हैं। शुरुआती तौर पर इसे “एक्सीडेंटल फायर” बताया गया, लेकिन परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तीन नाबालिगों के साथ एक अभिभावक, उनकी पत्नी और ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
बीच माथे पर गोली, परिवार ने जताई साजिश की आशंका
मृतक छात्र उनैज (13) स्थानीय स्कूल में कक्षा 7 का विद्यार्थी था। उसके पिता जमीर खान, जो क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार करते हैं, का आरोप है कि गोली “गलती से” नहीं चल सकती, क्योंकि घाव माथे के बीचों-बीच है। उनका कहना है कि बेटे को घर से बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर ले जाया गया और बाद में अस्पताल बुलाकर मौत की सूचना दी गई। परिजनों का दावा है कि पहले भी एक पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में आरोपी अभिभावक ने धमकी दी थी।

रोजे के दिन बुलाकर ले गए
परिवार के मुताबिक, घटना वाले दिन उनैज रोजे से था। दोस्तों ने घर आकर साथ चलने का आग्रह किया और “रोजा खुलवा देने” की बात कहकर उसे मना लिया। शाम तक सब सामान्य था, फिर अचानक व्हाट्सऐप कॉल कर परिजनों को लोकबंधु अस्पताल आने को कहा गया। वहां पहुंचने पर बच्चे को मृत अवस्था में दिखाया गया।
कार से फ्लैट तक: रिवॉल्वर की एंट्री
अपार्टमेंट के एक निवासी ने बताया कि पार्टी के दौरान कुछ बच्चे नीचे पार्किंग में खड़ी कार में गए और देर तक वहीं रहे। बताया जा रहा है कि कार में लाइसेंसी रिवॉल्वर थी, जिसे बच्चे फ्लैट में ले गए। इसी दौरान गोली चली और उनैज के सिर में जा लगी। पुलिस के अनुसार हथियार आरोपी अभिभावक के नाम पर लाइसेंसशुदा है।

सियासी रिश्ते भी चर्चा में
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि नामजद अभिभावक पूर्व एमएलसी गुड्डू त्रिपाठी के भाई बताए जा रहे हैं। गुड्डू त्रिपाठी का संबंध उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से पारिवारिक रिश्तों के कारण जोड़ा जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच तथ्यों के आधार पर होगी।
पुलिस का पक्ष
डीसीपी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद तीनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से आगे की तस्वीर साफ होगी।
क्या यह महज लापरवाही थी या इसके पीछे कोई और वजह? लाइसेंसी हथियार बच्चों की पहुंच तक कैसे पहुंचा? और क्या पहले से चली आ रही रंजिश का कोई सिरा इस घटना से जुड़ता है? इन सवालों के जवाब अब जांच पर निर्भर हैं, लेकिन एक परिवार का आरोप है कि उनके बच्चे की मौत को “दुर्घटना” बताकर दबाने की कोशिश हो रही है।
