(रणभेरी): भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव ने अपनी पत्नी वंशिका के साथ मंगलवार शाम वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की। शाम करीब साढ़े सात बजे मंदिर पहुंचे दंपति ने परंपरानुसार मंदिर की देहरी पर इत्र अर्पित कर सेवा की और भगवान को छप्पन भोग समर्पित किया।
जानकारी के अनुसार, शादी के बाद यह दोनों का पहला मथुरा-वृंदावन दौरा था। उनकी यात्रा को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे आम लोगों को इसकी भनक नहीं लग सकी। बाद में सामने आए फोटो और वीडियो के जरिए बुधवार सुबह इस दर्शन की जानकारी मिली।
मंदिर सूत्रों के मुताबिक, कुलदीप और उनकी पत्नी करीब 20-25 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें चारों ओर से घेरकर रखा, ताकि भीड़ से दूरी बनी रहे। मंदिर के सेवायतों ने विधिवत पूजा संपन्न कराई और प्रसाद स्वरूप माला भेंट की।

बताया जाता है कि कुलदीप के परिवार की ओर से पहले ही मंदिर प्रशासन को उनके आगमन की सूचना दे दी गई थी और भीड़भाड़ से बचने के लिए इसे गुप्त रखने का अनुरोध किया गया था। दर्शन के बाद दोनों कुछ समय वृंदावन में ठहरकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
हाल ही में मसूरी में रचाई शादी
गौरतलब है कि कुलदीप यादव ने 14 मार्च को मसूरी में अपनी बचपन की मित्र वंशिका सिंह के साथ विवाह किया था। इस समारोह में कई क्रिकेट हस्तियों की मौजूदगी रही। इसके बाद 17 मार्च को लखनऊ में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीतिक और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं।

दोस्ती से रिश्ते तक का सफर
कुलदीप और वंशिका का परिचय बचपन से रहा है, जो समय के साथ गहरे रिश्ते में बदल गया। वंशिका कानपुर की निवासी हैं और विदेश में कार्यरत रही हैं। दोनों परिवारों के घर भी एक-दूसरे के काफी नजदीक बताए जाते हैं।
क्रिकेट करियर पर एक नजर
31 वर्षीय कुलदीप भारतीय टीम के प्रमुख स्पिनरों में गिने जाते हैं। वह हाल ही में टी-20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने तीनों प्रारूपों को मिलाकर सैकड़ों विकेट हासिल किए हैं और कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है।
