(रणभेरी): विमेंस प्रीमियर लीग के फाइनल में एक बार फिर इतिहास रचा गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार WPL ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इससे पहले बेंगलुरु ने 2024 में पहली बार चैंपियन बनने का स्वाद चखा था। दूसरी ओर दिल्ली की टीम लगातार चौथे फाइनल में हार का सामना करने को मजबूर हुई।
कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में दिल्ली ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 203 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में बेंगलुरु ने 2 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। यह WPL फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा।
बेंगलुरु की जीत की नींव कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने रखी। मंधाना ने 87 रन की शानदार पारी खेली, जबकि वोल ने 79 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। दोनों के बीच 92 गेंदों में 165 रन की साझेदारी हुई, जिसने मुकाबले की दिशा ही बदल दी।
आखिरी ओवर में बेंगलुरु को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे। शुरुआती गेंदों पर सिंगल लेकर दबाव कम किया गया। तीसरी गेंद पर चौका लगा और चौथी गेंद पर अजीब संयोग देखने को मिला। शॉट खेलते समय बैट स्टंप से टकराया, गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई, लेकिन गिल्लियां अपनी जगह टिकी रहीं। इसी रोमांचक क्षण के साथ RCB ने खिताब अपने नाम कर लिया।

दिल्ली की ओर से कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्ज ने 37 गेंदों में 57 रन की तेज़ फिफ्टी जमाई। उनके अलावा लौरा वोल्वार्ट (44), शिनेल हेनरी (नाबाद 35), लिजेल ली (37) और शेफाली वर्मा (20) ने भी अहम योगदान दिया। बावजूद इसके, दिल्ली का रिकॉर्ड स्कोर जीत में तब्दील नहीं हो सका।
टूर्नामेंट की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली, जबकि उपविजेता दिल्ली कैपिटल्स को 3 करोड़ रुपये मिले। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का सम्मान सोफी डिवाइन को दिया गया, जिन्हें 5 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। इस तरह WPL का यह फाइनल न सिर्फ रिकॉर्ड्स के नाम रहा, बल्कि महिला क्रिकेट के बढ़ते कद और रोमांच का भी शानदार उदाहरण बन गया।
