मच्छरों के आतंक से सहमा शहर, डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा
गलियों-मोहल्लों में नहीं पहुंच रही फॉगिंग मशीन, नालों और जलभराव से पनप रहे मच्छर
जिम्मेदार विभाग बना मूकदर्शक, लोग बोले- शहर बीमार होने के बाद ही जागेगा क्या नगर निगम ?
वाराणसी (रणभेरी) : गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। गलियों, मोहल्लों और नालों के आसपास मच्छरों की भरमार से लोग परेशान हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से मच्छर नियंत्रण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई ही होती नजर आ रही है। कई इलाकों में महीनों से फॉगिंग मशीन नहीं पहुंची है, जबकि रिकॉर्ड में नियमित फॉगिंग का दावा किया जा रहा है। शहर के कई इलाकों औरंगाबाद, भेलूपुर, लक्सा, सिगरा, खोजवा, नगवां, लंका, रामनगर और शिवपुर जैसे कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय घरों में बैठना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी कभी-कभार ही औपचारिकता निभाने के लिए फॉगिंग करते हैं, जबकि अधिकतर समय यह काम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहता है।

शहर में कई स्थानों पर नालियों की सफाई नहीं होने और जलभराव की स्थिति बनी रहने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मच्छर नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। पिछले वर्षों में भी बरसात और गर्मी के मौसम में इन बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल निरीक्षण और बैठकों में ही व्यस्त रहते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सफाई और फॉगिंग की स्थिति बेहद खराब है। कई मोहल्लों में कूड़े के ढेर और गंदगी के कारण हालात और भी खराब हो रहे हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग, नालियों की सफाई और जलभराव रोकना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही लोगों को भी अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की जरूरत है।
शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नगर निगम ने मच्छरों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित फॉगिंग और सफाई व्यवस्था शुरू नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
अब सवाल यह उठता है कि क्या नगर निगम शहर के बीमार होने का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल शहर के लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही प्रभावी कार्रवाई करेंगे, ताकि मच्छरों के बढ़ते आतंक से राहत मिल सके।
