बीएचयू में हर तीन साल में बदलेंगे अनुभागाध्यक्ष

 बीएचयू में हर तीन साल में बदलेंगे अनुभागाध्यक्ष

वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दशकों से बगैर रोस्टर प्रणाली के ही व्यवस्था संचालित हो रही थी। हालांकि लगभग 92 साल बाद बीएचयू के विभिन्न विभागों की तरह यहां भी इसी वित्तीय वर्ष से अब रोस्टर प्रणाली लागू हो गई है। इस व्यवस्था के लागू होने से यहां पर हर तीन साल में अनुभागाध्यक्ष बदलेंगे, जिस प्रकार बीएचयू के विभागों में हर तीन साल पर वरिष्ठता सूची के आधार पर विभागाध्यक्ष बदलते हैं। महिला महाविद्यालय में ऐसी व्यवस्था थी कि अगर कोई एक बाद सेक्शन इंजार्च यानी अनुभागाध्यक्ष बन गया तो सेवानिवृत्ति तक उसी के कंधों पर यह जिम्मेदारी रहती है। वहीं युवा शिक्षक इस दायित्व से वंचित रह जाते थे।

सूत्र बताते हैं कि एक ओर जहां अधिक समय तक जो शिक्षक अनुभागाध्यक्ष रहते थे वे अक्सर ही अपने आपको अतिरिक्त बोझ का हवाला देते थे। वहीं दूसरी ओर अन्य वे शिक्षक जो बोझ संभालना तो चाहते थे लेकिन उन्हें जिम्मेदारी ही नहीं मिलती थी। इसे लेकर कई साल से यहां के शिक्षक व शिक्षिकाएं रोस्टर प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे थे। उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय ने इसी साल विचार किया, जिसका नतीजा है कि अब यहां रोस्टर प्रणाली लागू हो गई है। अब यहां पर हर तीन साल के कार्यकाल के अंतराल में सभी 30 अनुभाग में अध्यक्ष बदलते रहेंगे।