कारगिल विजय दिवस भारत के सम्मान का दिन, युवाओं के लिए हैं प्रेरणास्रोत

कारगिल विजय दिवस भारत के सम्मान का दिन, युवाओं के लिए हैं प्रेरणास्रोत

वाराणसी (रणभेरी): आज के दिन भारत में हर साल 26 जुलाई को 'करगिल विजय दिवस' मनाता है। इस 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना ने जीत हासिल की थी। रविवार को तोलोलिंग, टाइगर हिल और दूसरी बड़ी लड़ाईयों को याद किया गया और इसी के साथ लद्दाख में द्रास क्षेत्र में करगिल युद्ध स्मारक पर 559 दीपक जलाए गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस मौके पर तिलहटी में स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए जाने वाले थे लेकिन अचानक मौसम ख़राब होने के कारण उनका दौरा निरस्त हो गया 

''हम अपने खून से लिखेंगे कहानी ऐ वतन मेरे 
करे कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे 
दिली ख्वाइश नहीं कोई मगर ये इल्तजा बस है 
हमारे हौसले पा जाये मानी ऐ वतन मेरे 
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ''

आगरा जिले के बाह के वीर सपूतों ने अपने लहू से देश की आजादी को सींचा है। यहां की माटी पर जन्मे रणबांकुरों ने 1962 में चीन, 1965 और 1971 की जंग में पाकिस्तान की सेना के छक्के छुड़ाए थे। कारगिल युद्ध में भी बाह के करीब 400 रणबांकुरों ने अपनी बहादुरी से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। इस युद्ध में कोरथ गांव के नायब सूबेदार लायक सिंह, मलुपुर के धर्मवीर सिंह, बसेरे काजी के कुंवर सिंह समेत सात सपूतों ने देश के लिए प्राणों की आहूति दी थी।  इन कारगिल शहीदों के बलिदान से प्रेरित होकर इन गांवों के युवा सेना में भर्ती होने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। वीरता पुरस्कार विजेता इन युवाओं का हौसला बढ़ा रहे हैं। कारगिल जंग में गांव खंडेर के जितेंद्र सिंह, कोरथ के लायक सिंह के बलिदान के अलावा यमुना-चंबल के बीहड़ के 400 रणबांकुरों ने पाक के छक्के छुड़ाए थे। करगिल विजय दिवस' के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तोलोलिंग की तिलहटी में स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए जाएंगे।  एजेंसियों ने कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत भी क'रगिल विजय दिवस' समारोह में भाग लेंगे। 'करगिल विजय दिवस' कारगिल युद्ध  में शहीद हुए नायकों के सम्मान में मनाया जाता है, जो मातृ भूमि की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। हर साल इस दिन, प्रधान मंत्री दिल्ली में इंडिया गेट पर 'अनन्त लौ', अमर जवान ज्योति पर सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देते हैं। भारतीय सेना के योगदान को याद करने के लिए करगिल सेक्टर और देश भर में अन्य जगहों पर भी समारोह आयोजित किए जाते हैं।