वैक्सीन लगवाने से पहले समझिये इनके बारे में, कौन-कौन सी वैक्सीन हैं उपलब्ध

वैक्सीन लगवाने से पहले समझिये इनके बारे में, कौन-कौन सी वैक्सीन हैं उपलब्ध

(रणभेरी): भारत में कोरोना की दूसरी लहर की बात तो करने लायक ही नहीं हरतरफ से आपको कहीं ना कहीं ह्दयविदारक समाचार देखने मिल जा रहा हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन को ही सबसे कारगर हथियार के रूप में लोग एकमत होकर देख रहे हैं। भारत में 1 मई से कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू कर दिया गया है। इसमें 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन दी जा रही हैं। कोरोना वायरस वैक्सीनेशन के तीसरे फेज में यह साफ है कि 18 साल के अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन हर राज्य में मुफ्त नहीं लगाई जाएगी। कुछ राज्यों ने अपने लोगों के लिए इसे फ्री किया है। यानि पूरे देश में वैक्‍सीनेशन फ्री नहीं होगा। उसके लिए कीमत चुकानी होगी।  इन सबके बीच यह जानना जरूरी है कि भारत में फिलहाल 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए कौन-कौन सी वैक्सीन उपलब्ध है...

1. कोविशील्ड(Covishield)

पहली वैक्‍सीन का नाम है- कोविशील्‍ड(Covishiedl) जो कि ऑक्‍सफोर्ड-एस्‍ट्रेजेनिका की है, जिसकी भारत में सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया  (SII) प्रोडक्‍शन कर रही है। कोविशील्ड बना रही सीरम इंस्टीट्यूट ने वैक्सीन की कीमतें राज्य सरकार के लिए कम कर दी हैं। अब राज्यों को वैक्सीन की एक डोज 300 रुपए में दी जाएगी। यूपी, बिहार समेत कुछ राज्यों ने 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए फ्री में वैक्सीन देने को कहा है। सीआइआइ ने भारत में अपनी वैक्सीन कोविशील्ड की कीमत केंद्र सरकार के लिए 150 रुपये, राज्यों के लिए 300 रुपये और खुले बाजार(निर्यात) के लिए 600 रुपये प्रति डोज तय की है।

2. कोवैक्सीन(Covaxin)

दूसरी वैक्‍सीन का नाम है- कोवैक्‍सीन(Covaxin), जो कि पूरी तरह भारत में डेवलप की गई है। इस स्‍वदेशी वैक्‍सीन को हैदराबाद की भारत बायोटेक लिमिटेड ने डेवलप किया है। भारत बायोटेक ने बताया कि उसकी कोवैक्सीन की कीमत राज्यों के लिए 600 रुपये, निजी क्षेत्र के लिए 1,200 रुपये और खुले बाजार(निर्यात) के लिए 15 से 20 डालर प्रति डोज होगी। कोवैक्सीन भी केंद्र सरकार के लिए 150 रुपये प्रति डोज की दर से उपलब्ध होगी। यूपी, बिहार समेत कुछ राज्यों ने 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए फ्री में वैक्सीन देने को कहा है।

3. स्पुतनिक वी(Sputnik V)

सीरम की कोविशील्‍ड और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन के बाद केंद्र सरकार ने रूस की स्पुतनिक वी( Sputnik V) को भी जरूरी मंजूरी दे दी है। रूस से इस वैक्‍सीन की पहली खेप एक मई को भारत पहुंचेगी। माना जा रहा है कि आरडीईएफ मई में दो से तीन करोड़ डोज की सप्लाई कर सकता है। रूस से आयातित होने वाली स्पुतनिक-वी वैक्सीन की सारी डोज राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र को मिल सकती है। इसमें 50 फीसद वैक्सीन केंद्र सरकार को देने की शर्त नहीं होगी, जैसी देश में बनने वाली कोविशील्ड और कोवैक्सीन के लिए है। 

कई अन्य वैक्सीन भी लाइन में

विदेशी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) की वैक्‍सीन भी भारत में जल्‍द आ सकती है। जेएंडजे ने 20 अप्रैल को बताया कि उसने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के पास  सिंगल डोज कोविड19 वैक्‍सीन के ब्रिजिंग क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी मांगी है। भारत को इस वर्ष सितंबर तक कुछ और विदेश में बनी वैक्‍सीन मिलने की उम्‍मीद है। इसमें दो नाम फाइजर और मॉडर्ना का है। आने वाले महीनों में सरकार जानसन एंड जानसन के अलावा इन दोनों कंपनियों की कोविड वैक्‍सीन को भी मंजूरी दे सकती है।