(रणभेरी): नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर 21 मिनट का विस्तृत बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ जारी जंग लंबी खिंचती है, तो इसके गंभीर वैश्विक दुष्परिणाम हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के लिए “सबसे बड़ी परीक्षा” बताते हुए राज्यों से “टीम इंडिया” की भावना के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू सहित कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां और जरूरी सप्लाई प्रभावित हो रही है। एक दिन पहले लोकसभा में भी प्रधानमंत्री ने इसी मुद्दे पर चिंता जताई थी और कहा था कि वैश्विक हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है।
PM की स्पीच की 5 बड़ी बातें
1. राज्यों से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय गरीबों और श्रमिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ जरूरतमंदों तक निरंतर पहुंचाया जाए। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।
2. किसानों को भरोसा
PM मोदी ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार आने वाले बुआई सीजन के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि हर चुनौती के समाधान के लिए केंद्र सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
3. महंगाई और सप्लाई पर रणनीति
तेल, गैस, खाद और महंगाई से निपटने के लिए सरकार ने 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन को मजबूत करने और त्वरित फैसले लेने पर काम करेंगे।
4. होर्मुज स्ट्रेट पर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अवरोध के कारण पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कमर्शियल जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया और कहा कि भारत कूटनीतिक स्तर पर स्थिति सामान्य करने के प्रयास कर रहा है।
5. विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। ईरान से भी हजार से अधिक भारतीय लौटे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
