वाराणसी (रणभेरी): मिर्जापुर में अधिवक्ता की हत्या की घटना का असर अब वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है। इस घटना के विरोध में यहां के वकीलों में गहरा रोष है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब पड़ोसी जिले में पेशे से जुड़े व्यक्ति सुरक्षित नहीं हैं, तो ऐसे में अपने शहर में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
अधिवक्ताओं ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में वकीलों की सुरक्षा लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।

वकीलों का आरोप है कि न्यायालय परिसर और पेशे से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिससे अधिवक्ता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद “अधिवक्ता सुरक्षा एवं संरक्षण कानून” को अभी तक लागू नहीं किया गया है।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि न्याय व्यवस्था की नींव माने जाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
