(रणभेरी): जिले की कटरा कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो अवैध रूप से भारत में रहकर क्रशर प्लांट में काम कर रहे थे। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करा लिए थे।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच के दौरान रेलवे स्टेशन के पास एक युवक पर शक हुआ। पूछताछ में उसने खुद को बांग्लादेश का निवासी मो. सबूज हुसैन बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन अन्य साथियों को भी डगमगपुर स्थित एक क्रशर प्लांट से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में सब्बीर हुसैन, जय दास और नरेश दास शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें दो सगे भाई और दो रिश्तेदार (चाचा-भतीजा) हैं।
फर्जी पहचान से बना लिए थे भारतीय दस्तावेज
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से मोबाइल फोन मिले, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेशी वोटर आईडी और पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेज पाए गए। आरोप है कि इन लोगों ने बिहार के कैमूर जिले के एक पते के आधार पर फर्जी पहचान बनाकर भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए थे।
दलाल के जरिए पार की थी सीमा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बांग्लादेश से दलालों को पैसे देकर नदी पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचे। वहां से ट्रेन के माध्यम से पहले आगरा और फिर काम की तलाश में मिर्जापुर आए। यहां एक क्रशर प्लांट में कम मजदूरी पर काम करते हुए कई वर्षों से रह रहे थे।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस को आशंका है कि इस तरह अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर काम करने वालों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। आरोपियों ने पूछताछ में संकेत दिए हैं कि कई अन्य लोग भी इसी तरीके से देश में आकर अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे हैं।
इस मामले में पुलिस ने जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, गलत पहचान रखने और विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
