(रणभेरी): पंचायती राज मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनावों को लेकर चल रही अटकलों पर स्पष्ट रुख रखते हुए कहा है कि चुनाव अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे। जौनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतपत्रों की छपाई पूरी कर उन्हें सभी जिलों तक पहुंचा दिया है।
मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण भी हो चुका है और 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
लखनऊ जाते समय डाक बंगले में संवाददाताओं से बातचीत में राजभर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर फैल रही अफवाहें निराधार हैं। प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और चुनाव कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 22 फरवरी को आजमगढ़ के अहिरौला क्षेत्र में लगभग 50 बीघा भूमि पर एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें करीब एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। राजभर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक व्यापक गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ती है और सीटों का निर्धारण आपसी सहमति से किया जाएगा।
माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बिना स्नान लौटने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
वहीं, एसआईआर प्रक्रिया के तहत पीडीए वर्ग के मतदाता काटे जाने संबंधी आरोपों पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि पीडीए से जुड़े कई नेता, जिनमें वे स्वयं, केशव प्रसाद मौर्य, संजय चौहान और अनुप्रिया पटेल शामिल हैं, सक्रिय राजनीति में हैं और उनके मताधिकार पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर केवल बयानबाजी कर रहा है।
राजभर ने दो टूक कहा कि जिन नेताओं को चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, उन्हें नैतिक आधार पर अपने सांसद या विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
