(रणभेरी): रिश्तों में दरार और धोखे की कहानियों के बीच एक असामान्य मामला सामने आया है, जहां एक पति ने गुस्से या बदले के बजाय त्याग का रास्ता चुना। पत्नी के प्रेम प्रसंग की जानकारी मिलते ही वह उसे लेकर मंदिर पहुंचा और पूरे विधि-विधान से उसका विवाह उसके प्रेमी से संपन्न कराया। इसके बाद शुक्रवार को दोनों को कचहरी लाया गया, जहां आवश्यक लिखा-पढ़ी पूरी कर पति ने मुस्कुराते हुए अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ विदा कर दिया।
मामले में पति खुद आगे बढ़कर पत्नी और उसके प्रेमी को आशीर्वाद देता दिखाई दिया। लिखित समझौते के तहत पति ने अपने बच्चे को अपने साथ रखने का निर्णय लिया। मीडिया से बातचीत में पीड़ित पति ने कहा कि आज के दौर में प्रेम प्रसंग के चलते कई परिवार उजड़ रहे हैं। “ऐसी स्थितियों से डर लगता है। जब मुझे पत्नी की प्रेम कहानी की जानकारी मिली तो मैंने उसे उसी के साथ भेज देना ही बेहतर समझा,” उसने कहा।
वहीं, पत्नी ने कैमरे के सामने अपनी बात रखते हुए बताया कि उसकी शादी उससे झूठ बोलकर कराई गई थी और वह इस रिश्ते में खुश नहीं थी। उसने कहा कि वह अपने स्कूल में पढ़ने वाले युवक से लंबे समय से प्रेम करती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है।
उधर, प्रेमी राजू बैरागी ने बताया कि दोनों साथ पढ़ते थे, हालांकि उस समय कोई प्रेम संबंध नहीं था। उसकी भी शादी हो चुकी थी, लेकिन पत्नी की मृत्यु के बाद वह अकेला रह गया। एक दिन युवती से बातचीत के दौरान उसे पता चला कि वह अपने पति से खुश नहीं है। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध बन गया। बाद में वह युवती को मुंबई ले गया। “अब हम दोनों शादी कर साथ जीवन बिताना चाहते हैं,”
घटना ने लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। कुछ इसे त्याग और समझदारी की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक रिश्तों के बदलते स्वरूप का संकेत मान रहे हैं।
