(रणभेरी): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी शुरू होते ही शिमला के रिज मैदान पर बर्फ देखने पहुंचे सैलानी उत्साह में झूम उठे। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फ की मोटी परत जमने लगी है। मौसम विभाग ने इन चारों जिलों में बुधवार सुबह तक भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
कुफरी और नारकंडा में रुक-रुक कर बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। चंबा के भरमौर क्षेत्र में करीब 6 इंच, स्पीति घाटी में 1 इंच और रोहतांग दर्रे पर लगभग 4 इंच ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। बर्फबारी के साथ बर्फीले तूफान, शीतलहर और ओलावृष्टि की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालने और जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

शिमला में बदला मिजाज, तेज हवाओं से बढ़ी ठंड
राजधानी शिमला में दिनभर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा, जबकि बीच-बीच में तेज हवाएं और तूफान चले। शीतलहर के चलते तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तथा निचले और मध्यम क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है।
मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए कुल्लू उपायुक्त तोरुल एस. रविश ने एहतियातन मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया है।

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़ प्रदेश के शेष 10 जिलों में आज 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने का पूर्वानुमान है। साथ ही इन जिलों में शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में बुधवार को ओलावृष्टि भी हो सकती है।
31 जनवरी को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कुछ कमजोर पड़ेगी। 28 और 29 जनवरी को केवल ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। 30 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन 31 जनवरी को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से एक फरवरी तक प्रदेश में अच्छी बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
पहले से जर्जर व्यवस्था पर नई मार
बीते शुक्रवार को हुई भारी बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश में पहले ही 3 राष्ट्रीय राजमार्गों सहित करीब 750 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 1500 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 175 पेयजल योजनाएं ठप हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने से आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ऐसे में एक बार फिर बर्फबारी का अलर्ट लोगों की परेशानियों को और बढ़ा सकता है
