(रणभेरी): राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब यूथ कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा पार कर परिसर के भीतर पहुंच गए। कार्यक्रम में देश-विदेश के शीर्ष नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी अचानक बैनर और पोस्टर लेकर मुख्य हॉल के समीप पहुंच गए और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें काबू में लिया और परिसर से बाहर कर दिया। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह भी जांच की जा रही है कि कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रवेश कैसे संभव हुआ।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लगभग दस लोग समूह में पहुंचे थे। इनमें से चार-पांच को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों ने क्यूआर कोड आधारित एंट्री का उपयोग किया था।

भाजपा की प्रतिक्रिया: “राष्ट्रीय मंच पर व्यवधान”
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे “राष्ट्रीय शर्म” करार दिया। उन्होंने कहा कि जब भारत वैश्विक एआई संवाद की मेजबानी कर रहा है और अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है, ऐसे समय में इस प्रकार का विरोध देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक असहमति का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं है।

वैश्विक भागीदारी वाला आयोजन
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ में भारत की मेजबानी में आयोजित एक प्रमुख एआई शिखर पहल है, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा विशेषज्ञ व उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। ‘इंडिया एआई मिशन’ और डिजिटल इंडिया के व्यापक विजन के तहत यह मंच नीति-निर्माताओं, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और टेक कंपनियों को साथ लाकर एआई के क्षेत्र में सहयोग और क्रियान्वयन योग्य परिणामों की दिशा में प्रयासरत है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं और आयोजन स्थल पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
