मंडी (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल के मंडी जिले में भारी बर्फबारी के बीच संपन्न हुआ एक विवाह इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सराज विधानसभा क्षेत्र की केओली पंचायत में स्थित बुनालीघार गांव के एक युवक ने परंपराओं और जज्बे की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
लगातार हो रही बर्फबारी के कारण जब सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं और वाहनों का आवागमन असंभव हो गया, तब भी दूल्हा पीछे नहीं हटा। तीन से चार फीट तक जमी बर्फ के बीच वह सीमित बारात के साथ करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर दुल्हन के घर पहुंचा।

पैदल रवाना हुई बारात
बुनालीघार गांव निवासी 26 वर्षीय गितेश का विवाह भैचड़ी गांव की ऊषा ठाकुर के साथ तय था। शनिवार, 24 जनवरी को बारात वाहनों से जाने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर हुई भारी बर्फबारी ने सारी योजनाएं बदल दीं। सड़कों पर मोटी बर्फ जमने के कारण ड्राइवरों ने गाड़ियां ले जाने से इनकार कर दिया।
हालांकि, गितेश ने हालात को चुनौती के रूप में लिया और कुछ परिजनों के साथ पैदल ही बारात लेकर निकल पड़ा। करीब सात किलोमीटर लंबे दुर्गम और बर्फीले रास्ते को पार कर दूल्हा देर रात भैचड़ी पहुंचा। रातभर पारंपरिक रस्में निभाई गईं और रविवार सुबह करीब सवा सात बजे दुल्हन की विदाई हुई।

चार घंटे की कठिन वापसी
विदाई के बाद दुल्हन, दूल्हा और परिजन पैदल ही ससुराल के लिए रवाना हुए। इस दौरान करीब दो घंटे की खड़ी चढ़ाई भी पार करनी पड़ी। बर्फ से ढके रास्तों पर सावधानीपूर्वक चलते हुए यह सफर लगभग चार घंटे में पूरा हुआ और सुबह करीब 11 बजे सभी सुरक्षित घर पहुंचे। इस अनोखी शादी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। सफेद बर्फ की चादर के बीच दुल्हन का हाथ थामे दूल्हे की तस्वीरें लोगों के दिल छू रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाह न सिर्फ साहस और प्रेम की मिसाल है, बल्कि पहाड़ों की जिद और जज़्बे को भी दर्शाता है।
