(रणभेरी): होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि स्वाद और खुशियों का भी जश्न है। इस दिन घरों में पारंपरिक पकवानों की खुशबू से रसोई महक उठती है। मीठे से लेकर नमकीन तक, होली की थाली खास व्यंजनों के बिना अधूरी मानी जाती है। अगर आप इस बार होली पर कुछ ट्रेडिशनल डिशेज बनाने का प्लान कर रहे हैं, तो ये 5-6 खास रेसिपी आपके त्योहार का मजा दोगुना कर देंगी।
गुजिया
गुजिया होली की पहचान मानी जाती है। यह पारंपरिक तली हुई मिठाई खोया, मैदा, सूजी, नारियल और ड्राई फ्रूट्स से तैयार की जाती है। इसका कुरकुरा बाहरी हिस्सा और अंदर की मीठी, खुशबूदार फिलिंग हर किसी को पसंद आती है। त्योहार पर बच्चों से लेकर बड़ों तक, सबकी पहली पसंद गुजिया ही होती है।

मालपुआ रबड़ी
मालपुआ रबड़ी एक क्लासिक भारतीय मिठाई है, जो अपने मलाईदार और रिच स्वाद के लिए जानी जाती है। नरम और फूले हुए मालपुए को चाशनी में डुबोकर ऊपर से गाढ़ी रबड़ी डाली जाती है। खासतौर पर होली जैसे त्योहार पर इसे बनाकर परिवार और मेहमानों को परोसा जाए, तो खुशी और भी बढ़ जाती है।

ठंडाई
ठंडाई के बिना होली अधूरी मानी जाती है। मेवों, बीजों और खुशबूदार मसालों से तैयार यह दूध आधारित पेय शरीर को ठंडक देता है। होली और शिवरात्रि जैसे पर्वों पर इसे खास तौर पर बनाया जाता है। इसका मीठा और सुगंधित स्वाद हर किसी को ताजगी से भर देता है।

चॉकलेट और नटी गुजिया
अगर आप पारंपरिक स्वाद में थोड़ा ट्विस्ट चाहते हैं, तो चॉकलेट और नटी गुजिया बेहतरीन विकल्प है। इसमें गुजिया की पारंपरिक शेप के साथ चॉकलेट और नट्स की क्रीमी फिलिंग डाली जाती है। बच्चों को यह फ्यूजन मिठाई खास तौर पर पसंद आती है और यह होली पार्टी में आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

दही भल्ले
मीठे के साथ अगर कुछ चटपटा हो जाए तो मजा दोगुना हो जाता है। दही भल्ले होली के दिन खूब पसंद किए जाते हैं। नरम उड़द दाल के भल्लों पर दही, इमली की चटनी और मसाले डालकर परोसा जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद हर उम्र के लोगों को लुभाता है।

नमकपारे और मठरी
होली पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में नमकीन स्नैक्स की भी खास तैयारी की जाती है। नमकपारे और मठरी ऐसे पारंपरिक स्नैक्स हैं जिन्हें पहले से बनाकर रखा जा सकता है। चाय के साथ इनका स्वाद और भी बढ़ जाता है, और ये कई दिनों तक सुरक्षित रहते हैं।

