उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् लखनऊ की पहल, वेद-संस्कृति और पांडित्य परंपरा को मिलेगा नया संबल
चंदौली (रणभेरी)। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्, लखनऊ द्वारा संचालित निःशुल्क त्रैमासिक पौरोहित्य प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को आदि विश्वेश्वर वेद पाठशाला, चंदौली में विधिवत रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ किया गया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।

इस अवसर पर कार्यक्रमाध्यक्ष के रूप में स्वामी विश्वेषारानंद जी महाराज उपस्थित रहे। साथ ही केंद्राध्यक्ष के प्रतिनिधि रोशन जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में स्वामी विश्वेषारानंद जी महाराज ने उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान तथा प्रदेश सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर निरंतर चलते रहने चाहिए, जिससे भारतीय संस्कृति, वेद और शास्त्रों का संरक्षण एवं संवर्धन होता रहे और पांडित्य परंपरा सुदृढ़ बनी रहे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पौरोहित समाज में धार्मिक कर्मकांडों की शुद्धता बनाए रखने के साथ-साथ युवाओं को इस परंपरा से जोड़ने का कार्य भी करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में पौरोहित्य प्रशिक्षक शिवम कुमार चौबे ने संस्थान, कार्यक्रमाध्यक्ष एवं उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
