एक अप्रैल से टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस

एक अप्रैल से टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस

वाराणसी समेत पांच जिलों के 54 टोल प्लाजा पर नकद बंद, सफर होगा तेज और पारदर्शी

वाराणसी (रणभेरी): हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वाराणसी समेत पांच जिलों गोरखपुर, आजमगढ़, अयोध्या और रायबरेली के लगभग 54 टोल प्लाजा को पूरी तरह कैशलेस करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और केवल फास्टटैग या यूपीआई के माध्यम से ही शुल्क जमा करना होगा।

प्राधिकरण के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को समाप्त करना और यात्रा को सुगम बनाना है। अक्सर टोल बूथों पर नकद भुगतान के कारण जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते थे। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रा समय में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

टोल प्लाजा पर इस बदलाव को लागू करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी प्रमुख टोल बूथों पर बैनर और लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कैशलेस सिस्टम लागू होने से टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच छुट्टे पैसों को लेकर होने वाले विवाद भी समाप्त हो जाएंगे।

इसके अलावा, यह व्यवस्था पारदर्शिता को बढ़ावा देगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगी। टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें कम होने से ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपने फास्टटैग को रिचार्ज कर लें और यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान के विकल्पों को सक्रिय रखें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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