(रणभेरी) : भदोही जिले के औराई कोतवाली क्षेत्र के जेठुपुर गांव का लाल अग्निवीर सैनिक धीरज गुप्ता जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। आगामी 20 अप्रैल को जिनके घर में शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव और जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
क्या है पूरा मामला
औराई कोतवाली के जेठुपुर निवासी स्वर्गीय रामसुंदर के पुत्र धीरज गुप्ता अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में तैनात थे। बुधवार की देर शाम जम्मू-कश्मीर में सीमा क्षेत्र में चल रहे आतंकी सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। सूचना मिलते ही सैन्य अधिकारियों ने परिजनों को अवगत कराया। फिलहाल शहादत की जानकारी उनके भाइयों तक ही पहुंची है। मां जयदेवी और बहनों को पूरी जानकारी दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
घर में थी शादी की तैयारी
धीरज गुप्ता की आगामी 20 अप्रैल को शादी तय थी। बरात सीतामढ़ी कटरा जानी थी। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजे जा चुके थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं।
चार महीने बाद पूरा होना था कार्यकाल
करीब चार वर्ष पहले धीरज अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए थे। उनके चार साल का कार्यकाल पूरा होने में महज चार महीने शेष थे। इससे पहले ही वह देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।
पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार
धीरज अपने पीछे मां जयदेवी, चार बहनें और दो छोटे भाई छोड़ गए हैं। पूरा परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा धीरज के कंधों पर था। गांव में शोक का माहौल है।
