वाराणसी (रणभेरी): सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप का शनिवार को भव्य समापन हुआ। पूरे देश की निगाहें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पर टिकी थीं, जहां शानदार खेल कौशल और जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिला वर्ग में केरल ने खिताब अपने नाम किया, जबकि पुरुष वर्ग में रेलवे की टीम ने दबदबा कायम रखते हुए ट्रॉफी जीती।समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और उत्तर प्रदेश वॉलीबाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित थे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
महिला वर्ग: केरल की ऐतिहासिक जीत
दिन का पहला फाइनल मुकाबला महिला वर्ग में खेला गया, जो बेहद रोमांचक रहा। इस मुकाबले में केरल की टीम ने भारतीय रेलवे को पांच सेटों तक चले संघर्षपूर्ण मैच में 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

मैच की शुरुआत रेलवे ने मजबूती से की और पहला सेट 25-22 से जीत लिया। इसके बाद केरल की खिलाड़ियों ने खेल का रुख पलटते हुए दूसरा और तीसरा सेट क्रमशः 25-20 और 25-15 से अपने नाम कर लिया। चौथे सेट में रेलवे ने फिर वापसी करते हुए 25-22 से जीत दर्ज कर मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच लिया।

फैसले वाले सेट में केरल की टीम ने जबरदस्त आक्रमण और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया। रेलवे की टीम दबाव में आ गई और केरल ने 15-8 से निर्णायक सेट जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
केरल की इस जीत में अनुश्री का योगदान सबसे अहम रहा। उनके सटीक स्मैश और बेहतरीन नेट प्ले ने रेलवे की रक्षापंक्ति को बार-बार तोड़ा। टीमवर्क और रणनीतिक समझ ने केरल को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
पुरुष वर्ग: रेलवे का दमदार प्रदर्शन
पुरुष वर्ग के फाइनल में रेलवे की टीम ने केरल को सीधे सेटों में 3-0 से पराजित कर चैंपियनशिप अपने नाम की। रेलवे ने यह मुकाबला 25-19, 25-17 और 25-19 के स्कोर से जीता।
शुरुआत से ही रेलवे के खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार खेल दिखाया और केरल को लगातार दबाव में रखा। रेलवे के कप्तान अंगामुथु के पावरफुल स्मैश ने विपक्षी टीम की लय तोड़ दी। रोहित कुमार के आक्रामक खेल और जॉर्ज एंटनी के मजबूत ब्लॉक ने रेलवे की बढ़त को और मजबूत किया।

लिबरो आनंद के. ने शानदार फुर्ती दिखाते हुए कई मुश्किल गेंदों को बचाया, जिससे रेलवे को निर्णायक मौकों पर बढ़त मिली। अंत में समीर सीएच ने अहम अंक जुटाकर टीम की जीत पक्की कर दी।
केरल की ओर से कप्तान सेथु टी.आर. और एरीन वर्गीस ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन रेलवे की संगठित रणनीति के सामने उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं।
खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए दिया संदेश
समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने सभी खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं देश में खेल संस्कृति को मजबूत करती हैं और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को भी शुभकामनाएं दी गईं। चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट ने वाराणसी को एक बार फिर खेल नगरी के रूप में पहचान दिलाई।
