वाराणसी (रणभेरी): श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में गुरुवार को मध्यान्ह भोग आरती के पश्चात भगवान विश्वनाथ को 31 किलोग्राम मलइयो का विशेष भोग अर्पित किया गया। शरद् ऋतु में विशेष रूप से प्रिय इस भोग को शुद्ध गौ-दुग्ध से तैयार किया गया था, जिसमें केसर और श्रेष्ठ मेवाओं का प्रयोग किया गया।
भोग अर्पण के दौरान श्रद्धालुओं ने समाज, राष्ट्र और सनातन संस्कृति के कल्याण की कामना की। जैसे ही बाबा को मलइयो अर्पित किया गया, मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
प्रतिवर्ष की परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन संपन्न हुआ। मध्यान भोग आरती के उपरांत श्रद्धा-भक्ति के साथ बाबा विश्वनाथ को यह विशेष भोग समर्पित किया गया।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों ने लोककल्याण, राष्ट्रमंगल तथा सनातन धर्म-संस्कृति के चिरस्थायी संरक्षण का संकल्प लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीत एवं शरद् ऋतु में भगवान विश्वनाथ को शुद्ध गौ-दुग्ध से निर्मित व्यंजन, केसर और उत्तम मेवे अत्यंत प्रिय होते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि इस प्रकार के भोग-अर्पण से न केवल आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सद्भाव का संचार भी होता है।
