रिकॉर्ड प्रदूषण के बाद भी नहीं सुधरे हालात, एक्यूआई खतरनाक स्तर के करीब
वाराणसी (रणभेरी): नए साल की शुरुआत के साथ काशीवासियों को साफ हवा की उम्मीद थी, लेकिन जनवरी के शुरुआती दिनों में ही शहर की आबोहवा निराशाजनक बनी हुई है। दिसंबर में रिकॉर्डतोड़ प्रदूषण के बाद जनवरी में भी वाराणसी की हवा लगातार खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर के आसपास बना हुआ है।
सुबह और देर शाम प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। घने कोहरे, ठंड और हवा की रफ्तार कम होने के कारण पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे जहरीले कण वातावरण में नीचे ही फंसे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव या तेज हवा के बिना फिलहाल राहत की संभावना कम है। अस्पतालों में सांस, दमा, एलर्जी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या जनवरी में भी कम नहीं हुई है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन के दावों के बावजूद निर्माण कार्य, धूल भरी सड़कें, बढ़ता ट्रैफिक और पुराने वाहन प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या अब स्थायी रूप लेती जा रही है। अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में वाराणसी की हवा और ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
