प्रयागराज में संगम स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं काशी का रुख
विश्वनाथ धाम और घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बढ़ती भीड़ के चलते काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था बदली, स्पर्श दर्शन पर रोक जारी
प्रमुख स्नान पर्वों पर भारी भीड़ की आशंका, प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में
वाराणसी (रणभेरी): माघ मेला 2026 के पलटप्रवाह का असर अब काशी में पूरी तरह दिखाई देने लगा है। प्रयागराज में 3 जनवरी से 17 फरवरी तक चल रहे माघ मेले के दौरान संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीधे वाराणसी का रुख कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि काशी विश्वनाथ मंदिर, प्रमुख देवी-देवताओं के मंदिरों और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। काशी इन दिनों हर-हर महादेव के जयकारों और आस्था के उत्साह से सराबोर नजर आ रही है।

काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने कई अहम बदलाव किए हैं। फिलहाल श्रद्धालुओं को पांच द्वारों से दर्शन कराए जा रहे हैं, ताकि किसी एक स्थान पर अत्यधिक दबाव न पड़े। सुरक्षा कारणों से स्पर्श दर्शन पर लगी रोक अभी भी जारी है। पहले यह रोक 3 जनवरी तक लागू थी, लेकिन बढ़ती भीड़ और संभावित जोखिम को देखते हुए इसे आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
माघ मेला के दौरान आने वाले प्रमुख स्नान पर्वों को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज से लाखों श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने का अनुमान है। इन तिथियों के आसपास दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट सहित शहर के अन्य प्रमुख और आंतरिक घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने लगी है। गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई है। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी और यातायात पुलिस ने प्रमुख पर्वों के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। शहर में आवश्यकतानुसार पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है और भीड़ के दबाव को देखते हुए कई मार्गों पर यातायात डायवर्जन किया गया है, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। घाटों, मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालु काशी में सुरक्षित वातावरण में दर्शन और गंगा स्नान कर सकें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।
