वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव में शनिवार देर रात एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि गौतस्करी की सूचना पुलिस को देने के शक में दबंगों ने युवक को घर से उठाकर गांव के बाहर ले जाकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सानू अली (उम्र लगभग 24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था और परिवार का मुख्य सहारा माना जाता था। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घर से उठाकर ले गए, पुलिया पर की पिटाई
परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात कुछ युवक सानू के घर पहुंचे और उस पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाने लगे। कहासुनी के बाद आरोपियों ने उसे पुलिस चौकी ले जाने की बात कही, लेकिन रास्ते में ही गांव के बाहर एक पुलिया के पास ले जाकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सानू को तब तक पीटा जब तक वह अचेत नहीं हो गया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गौतस्करी की सूचना देने का था शक
मृतक के परिजनों का आरोप है कि सानू ने कुछ समय पहले क्षेत्र में सक्रिय गौतस्करों की जानकारी पुलिस को दी थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने पहले उसे धमकाया और फिर साजिश के तहत झूठा आरोप लगाकर घर से उठाया। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो इस घटना को रोका जा सकता था।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। जब तक पुलिस आई, तब तक युवक की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। यह भी आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की और न ही पीड़ित को अस्पताल ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
परिवार का सहारा था सानू
सानू तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद से वह ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच और पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
