दालमंडी में ध्वस्तीकरण जारी: दो दिन में 35 मकान गिरे, मलबा हटाने का काम तेज; रजिस्ट्री में भी बढ़ी हलचल

दालमंडी में ध्वस्तीकरण जारी: दो दिन में 35 मकान गिरे, मलबा हटाने का काम तेज; रजिस्ट्री में भी बढ़ी हलचल

वाराणसी (रनभेरी): वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को पीडब्ल्यूडी की टीम पूरे दिन बुलडोजर से तोड़े गए मकानों का मलबा हटाने में जुटी रही। बीते दो दिनों में कुल 35 मकान ढहाए जा चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रभावित मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई और पूरे दिन भारी पुलिस बल तैनात रहा।प्रशासन के मुताबिक मलबा साफ होने के बाद अन्य चिन्हित मकानों पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इस बीच आगजनी के आरोपी अजमत की तलाश जारी है, हालांकि अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

ध्वस्तीकरण के साथ ही दालमंडी में संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया भी तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में 30 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्री करा ली है, जबकि कई अन्य लोग जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। जिन कागजों में कमियां हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।वहीं, इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। विधान परिषद में एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने दालमंडी और मणिकर्णिका घाट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दालमंडी पूर्वांचल का बड़ा व्यापारिक केंद्र और साझा सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक रहा है। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है और यदि विकास कार्य जरूरी था तो प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले की जानी चाहिए थी। उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *