(रणभेरी): जनपद ललितपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी के बेटे की फॉर्च्यूनर कार की टक्कर से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने ललितपुर–जाखलौन मार्ग को जाम कर दिया है। जीरोन के पास हावड़ा पुल के निकट शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन सात घंटे से अधिक समय से जारी है।
परिजन आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग पर अड़े हैं। मौके पर एक खंभा गिराकर आवाजाही रोक दी गई है, जबकि टेंट लगाकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान मृतक युवक की मां की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजन संभालने में जुटे रहे।

घटना थाना जाखलौन क्षेत्र के बरखेरा गांव से जुड़ी है। 26 जनवरी की रात करीब एक बजे अनुज यादव (21) अपने चचेरे भाई शिवेंद्र यादव (18) और शंकर (45) के साथ सुंदरकांड पाठ से बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। इसी दौरान जाखलौन से ललितपुर की ओर जा रही फॉर्च्यूनर कार ने हावड़ा पुल के पास उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से अधिक थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एयरबैग खुल गए और दरवाजे लॉक हो गए। कार सवारों ने पीछे की खिड़की तोड़कर बाहर निकलने के बाद कथित तौर पर हथियार दिखाकर लोगों को धमकाया और मौके से फरार हो गए।

हादसे में तीनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान शिवेंद्र यादव की मौत हो गई। अनुज और शंकर की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। 13 दिन तक चले इलाज के बाद रविवार शाम अनुज यादव ने भी दम तोड़ दिया। शंकर की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार, दुर्घटना में शामिल फॉर्च्यूनर कार राज्यमंत्री की पत्नी कस्तूरी देवी के नाम पर पंजीकृत है। आरोपी नरेश पंथ ने 3 फरवरी को अदालत में सरेंडर कर उसी दिन जमानत ले ली थी। इसके बाद गिरफ्तारी न होने और दूसरी मौत हो जाने से आक्रोश भड़क उठा।

धरने में भीम आर्मी जिला प्रभारी हरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष रमाकांत चौधरी और सपा जिलाध्यक्ष नेपाल यादव भी पहुंच चुके हैं। मृतक शिवेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की लापरवाही बरती गई। उन्होंने दोनों मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये, घायल शंकर के इलाज के लिए 30 लाख रुपये की सहायता और पीड़ित परिवारों को एक-एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और गंभीर धाराएं लगाए जाने की अपील की गई है। परिजन न्याय की मांग को लेकर प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
