वाराणसी (रणभेरी): काशी में रविवार को कांग्रेस की संविधान संवाद रैली आयोजित हुई, जिसमें देशभर से पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता जुटे। रैली में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा गया। मंच से नेताओं ने संविधान, विकास और काशी के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की।
रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, सांसद इमरान मसूद, सांसद किशोरी लाल, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत 20 से अधिक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मंच पर नेताओं ने हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दिया, जबकि कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के समर्थन में नारे लगाए।

पवन खेड़ा का हमला
राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी पर जो संकट आया है, उसकी शुरुआत काशी से हुई। उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि “मां गंगा के आंचल में बहती लाशों के दर्द को प्रधानमंत्री नहीं देख पाए।”
सुप्रिया श्रीनेत का बयान
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि काशी एक जीवंत सभ्यता है और यहां की विरासत से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने 2024 चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए काशी की जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पिछड़ते दिखाई दे रहे थे।

इमरान मसूद की चुनौती
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि देश में संविधान खतरे में है और यह “आर-पार की लड़ाई” है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संसद में ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर खतरा है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।उन्होंने कार्यकर्ताओं से वोटिंग की जिम्मेदारी खुद संभालने की अपील करते हुए कहा कि “ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह भाजपा को हटाने का रास्ता सिर्फ कांग्रेस है।”
किशोरी लाल का बयान
अमेठी सांसद किशोरी लाल ने कहा कि काशी की जनता का प्रतिनिधि यहां मौजूद है, जबकि काशी के सांसद दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के समर्थन से उन्होंने चुनाव लड़ा और जनता उनके साथ खड़ी रही।
डॉक्यूमेंट्री और रैली मार्च
कार्यक्रम के दौरान 15 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें बनारस के विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए और विरासत से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। इसके बाद शहर के शास्त्री घाट तक रैली भी निकाली गई।रैली में कांग्रेस नेताओं ने संविधान की रक्षा और आगामी चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान किया।
